जन्म तिथि और समय से ज्योतिष
वैदिक ज्योतिष को बस इतना ही चाहिए — आपकी जन्म तिथि, जन्म समय और जन्मस्थान। इन्हीं से RishiAstro का खगोलीय इंजन आपकी पूरी जन्म कुंडली गणित करता है — लग्न, चंद्र राशि, नक्षत्र, ग्रह-स्थितियाँ, दशाएँ और दोष — निःशुल्क, कुछ ही क्षणों में।
आपकी जन्म तिथि क्या बताती है
अकेली तिथि धीमे चलने वाला चित्र तय कर देती है: गुरु, शनि तथा राहु-केतु किन राशियों में बैठे हैं, और अधिकांश दिनों में आपकी चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र भी — और यही दोनों मिलकर आपकी पूरी विंशोत्तरी दशा की समयावली का बीज बनते हैं। इसीलिए पारंपरिक ज्योतिषी केवल जन्म तिथि से भी आश्चर्यजनक रूप से बहुत कुछ कह पाते हैं।
जन्म समय और स्थान क्यों मायने रखते हैं
लग्न — पूर्वी क्षितिज पर उदय होती राशि — लगभग हर दो घंटे में बदलता है और कुंडली के बारहों भाव उसी पर टिके होते हैं। विवाह, करियर और स्वास्थ्य का फलादेश इन्हीं भावों से निकलता है, इसलिए जन्म समय ही सामान्य फलादेश को आपकी कुंडली बना देता है। जन्मस्थान क्षितिज को तय करता है — यही कारण है कि एक ही क्षण दिल्ली और न्यूयॉर्क में अलग-अलग कुंडली देता है।
मुफ़्त रिपोर्ट में क्या-क्या मिलता है
- ✦लग्न (उदय राशि), चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र
- ✦निरयन राशिचक्र में सभी ग्रह-स्थितियाँ
- ✦उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय और पूर्व भारतीय कुंडली शैलियाँ, साथ में D9 नवांश
- ✦विंशोत्तरी, योगिनी और चर दशा की समयावली
- ✦मांगलिक दोष और साढ़े साती का विश्लेषण
- ✦जन्म पंचांग — तिथि, योग, करण
- ✦पूरी रिपोर्ट, 15 भारतीय भाषाओं में
अपनी जन्म तिथि से कुंडली पाएँ
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या समय के बिना, केवल जन्म तिथि से ज्योतिष काम करता है?
आंशिक रूप से। चंद्र राशि, जन्म नक्षत्र और दशा क्रम प्रायः अकेली तिथि से निकाले जा सकते हैं, क्योंकि चंद्रमा हर राशि में लगभग सवा दो दिन रहता है। पर लग्न (उदय राशि) लगभग हर दो घंटे में बदलता है और वही बारहों भाव तय करता है — इसलिए करियर, विवाह और स्वास्थ्य के फलादेश के लिए जन्म समय चाहिए। यदि आपकी जन्म तिथि को ही चंद्रमा ने राशि बदली हो, तो चंद्र राशि तय करने के लिए भी समय आवश्यक है।
क्या जन्म कुंडली सचमुच मुफ़्त है?
हाँ — पूरी रिपोर्ट निःशुल्क है: कुंडलियाँ, ग्रह-स्थितियाँ, दशाएँ, दोष विश्लेषण और पंचांग।
स्थितियों की गणना कैसे होती है?
हर स्थिति सर्वर पर RishiAstro के अपने खगोलीय इंजन में गणित होती है, और डिफ़ॉल्ट रूप से लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश प्रयोग होता है। रमन और KP अयनांश भी उपलब्ध हैं।
मेरी वैदिक राशि पाश्चात्य राशि से अलग क्यों है?
पाश्चात्य ज्योतिष सायन राशिचक्र प्रयोग करता है और वैदिक ज्योतिष निरयन — इस समय दोनों के बीच लगभग 24 अंश का अंतर (अयनांश) है। पाँच में से लगभग चार लोगों की राशि वैदिक पद्धति में एक कदम पीछे चली जाती है, इसीलिए यहाँ 'जन्म तिथि से ज्योतिष' का परिणाम पाश्चात्य सूर्य-राशि वाले स्तंभ से भिन्न हो सकता है।