पंचांग
पंचांग ('पाँच अंग') किसी क्षण का वैदिक पंचांग है: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। तिथि, समय और स्थान भरें और पाँचों अंग, साथ ही सूर्योदय, सूर्यास्त और दिन की अवधि गणित करें।
चूँकि चंद्र-आधारित अंग दिन भर आगे बढ़ते रहते हैं, आप जो समय भरते हैं वही सटीक मान तय करता है।
अपना परिणाम पाने के लिए नीचे अपना विवरण भरें।
अपना परिणाम कैसे पढ़ें
तिथि और नक्षत्र दिन के दौरान बदलते हैं, इसलिए आपका भरा हुआ क्षण मायने रखता है — दिखाए गए मान उसी सटीक समय के हैं।
पक्ष बताता है कि चंद्रमा बढ़ रहा है (शुक्ल) या घट रहा है (कृष्ण)।
गणना कैसे होती है
दिए गए निर्देशांक और क्षण के लिए सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थितियाँ लाहिरी निरयन पद्धति से गणित की जाती हैं।
इसे अपनी पूरी कुंडली में देखें
यह आपकी जन्म कुंडली का एक खंड है। पूरी मुफ़्त कुंडली बनाएँ — कुंडलियाँ, दशाएँ, दोष, पंचांग और बहुत कुछ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पंचांग के पाँच अंग कौन-से हैं?
तिथि, वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण — यही पाँच 'अंग' हैं जिनसे हिंदू पंचांग को उसका नाम मिला।
क्या मुझे आज का पंचांग मिल सकता है?
हाँ — आज की तिथि, वर्तमान समय और अपना शहर भरें और अभी का पंचांग देखें।
समय बदलने से परिणाम क्यों बदलता है?
तिथि, नक्षत्र, योग और करण चारों दिन भर आगे बढ़ते हैं, इसलिए सटीक समय ही सही वर्तमान मान देता है।